इधर चुनाव हो चुके हैं और 'वो लोग ' नए सिरे से 'कल्याण कार्य' में जुट जायेंगे ! यहाँ छत्तीसगढ़ और वहां मध्यप्रदेश में बी जे पी , इसी तरह मिजोरम /दिल्ली /राजस्थान में कांग्रेस !
.........और मेरे /तुम्हारे जैसे लोक सेवक हमेशा की तरह 'यस सर' के लिए अभ्यस्त अपनी जबान लपलपाते रहेंगे !
आखिर इस लोक तंत्र में 'चुनाव ड्यूटी 'और 'यस सर' करते रहने के अलावा हमारी प्रासंगिकता क्या है ?
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aap svasth rahen.