Jay ki baten :::: जय की बातें
सोमवार, 5 जनवरी 2009
खूब धूप
बड़ी दूर से चली आ रही है वो ;ऐ बरगद रास्ते मैं तू --( फ़िर )उसे मिल जाना ।
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aap svasth rahen.
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