Jay ki baten :::: जय की बातें
बुधवार, 4 नवंबर 2009
गुस्सा करे कोई मेरे ही वास्ते
विस्तार दो
विस्तार को
जख्मों को
तुम दिख जाओ
1 टिप्पणी:
उम्मतें
बुधवार, 4 नवंबर 2009 को 7:37:00 pm GMT-8 बजे
बढ़िया
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