शुक्रवार, 1 जनवरी 2010

मेरे बिस्तर के नीचे ताबीज सी थी तुम

अपेक्षा की आदत बुरी है। हर एक को है ये ,किसी ना किसी से। ये असंतोष पैदा करती है। संतोष भी देती है। कि ये ऐसा नहीं करते है। शीशा देखने का अभ्यास बुरा नहीं । सितारे रात सो गए थे। रास्ते में। फैल फैल कर। उन्हें माँ की ,रजाई क़ी,पंखे क़ी,लाइट क़ी अपेक्षा नहीं थी।

1 टिप्पणी:

  1. अपेक्षाओं से बनते हैं रिश्ते , अच्छे या फिर बुरे , क्या सितारों को ये सब पता नहीं ? अपेक्षाओं की उपेक्षा करके सितारों नें अच्छा नहीं किया !

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aap svasth rahen.

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