रविवार, 7 दिसंबर 2008

और हाँ ........

और हाँ इधर कालेज में स्टाफ में करीब २०% लोग ही बचे हैं जिनमे से ज्यादातर को तुम पहचानते नहीं हो ,साइंस फैकल्टी के ज्यादातर विभागों की छतें टीन की हो गई है और आर्ट्स फैकल्टी की आधी छतें बिना टीन और खपरैल की हैं और परसों रात ही ऑफिस की छत ढह चुकी है यानि मैन पॉवर और संसाधनों के हिसाब से संभाग का सबसे बड़ा कालेज कब्र में पैर लटका चुका है !
वैसे बस्तर नाम का एक जिला अब पॉँच जिलों ( बस्तर ,नारायणपुर ,कांकेर , दंतेवाडा और बीजापुर ) में बदल चुका है !
शहर जगदलपुर में बदलाव काफी ज्यादा हुए हैं मगर कालेज लगभग बर्बाद हो चुका है और इस बर्बादी के गवाह तुम नहीं हो ये अच्छी बात है !

3 टिप्‍पणियां:

  1. भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
    लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
    www.zindagilive08.blogspot.com
    आर्ट के लि‌ए देखें
    www.chitrasansar.blogspot.com

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  2. आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  3. आपकी टिप्पणियों के लिए आभार व्यक्त करते हैं

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aap svasth rahen.

मेरे बारे में

उज्जैन, मध्यप्रदेश, India
कुछ खास नहीं !