सोमवार, 29 दिसंबर 2008

हवाओं पर .....

हवाओं पर लिखते हुए कलम की स्याही ख़त्म हो गई ।
हवा रुक गई ।
बिना स्याही के ही मैंने लिखना शुरु किया ।
हवा चल पड़ी ।

1 टिप्पणी:

aap svasth rahen.

मेरे बारे में

उज्जैन, मध्यप्रदेश, India
कुछ खास नहीं !