ज्ञान ,बुद्धि और विवेक ,जिसके पास जितना होगा ,इनकी उतनी मात्रा वाले लोगों के साथ नहीं निभती। ये तीनों वहीं ज्यादा होंगे जहाँ जहाँ अभिमान नही होगा। लोगों केअभिमान का नाश हो। काम करें हम ,परोपकारी बनें। लीडर्स को ये करना ही होगा। हालांकि उम्मीद नई उम्र से अधिक है।
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aap svasth rahen.