Jay ki baten :::: जय की बातें
शनिवार, 10 अक्टूबर 2009
जीते जी तो जीते जी मर के भी हाँ मर के भी
'दोस्त अच्छा था कि शायर
जनाजे में उसके लोग कम थे '
1 टिप्पणी:
उम्मतें
शनिवार, 10 अक्टूबर 2009 को 4:53:00 am GMT-7 बजे
जी दोस्त !
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