प्रयोगवादी कवि श्री शमशेर बहादुर सिंह का जन्म शताब्दी वर्ष आज से आरंभ हुआ। अपने शमशेर साहित्य संस्थान द्वारा विगत सोलह वर्षों से उनकी जयंती मनाई जा रही है। शमशेर का रचनात्मक अवदान अप्रतिम है। डॉ धनञ्जय वर्मा और डॉ चन्द्र कान्त देवताले ने उन्हें उनकी कविताओं के विश्लेषण द्वारा परिचित कराया शेष फिर कभी --------।
हमें उस शेष का इंतजार है
जवाब देंहटाएंintejaar rahega...
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