शुक्रवार, 5 दिसंबर 2008

पैदल-२

कल वो सारे ज्यों के त्यों सामने खड़े हो गए । तुम्हारा आस्तीन मोड़ कर बुशर्ट पहनना । हलके रंग के कपडे का तुम्हारा शौक । पैदल जाना कालेज तक । लौटना भी वैसे ही । ------और ये आज भी जारी -----मेरे मामले में ।

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aap svasth rahen.

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