शनिवार, 27 दिसंबर 2008

मुझे उम्मीद थी .....

प्रिय जय मुझे उम्मीद थी कि तुम एडिटिंग के मुद्दे पर मेरे विचार जानने के बाद कहोगे कि ,प्रिय अली अच्छा हुआ , खुदा ने तुम्हे नाखून नहीं दिए वर्ना तुम ......... !

1 टिप्पणी:

  1. ईश्वर के पास है हम सब की चाबी / हम टूटें तो भी वो अपना काम करती है .हम तो अपनी अपनी जिन्दगी के इस मोड़ पर ये गीत सुने 'झुकी झुकी सी नज़र दिल में प्यार है कि नहीं '. 'दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं '.

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aap svasth rahen.

मेरे बारे में

उज्जैन, मध्यप्रदेश, India
कुछ खास नहीं !