शनिवार, 23 जनवरी 2010

कवि होना कि शमशेर हो जाना

तुमने ठीक कहा अली, पर में' कार्यक्रम के बारे में आगे फिर कभी ' के हिसाब से चला था। अपने और शमशेर के संग के बारे में लिखना ,या शमशेर जी के बारे में लिखना , एक मूड की बात है। देखते हैं। वो कब बनता है। फ़िलहाल शमशेर जी से सीखीं दो बातें, प्रस्तुत हैं सूत्र में;एक,अपने बारे में कहने में सदा संकोच करना। दो, बढ़प्पन सरलता लाता है। वे ऐसे बड़े कवि हैं , जो सरल और संकोची हैं।

1 टिप्पणी:

aap svasth rahen.

मेरे बारे में

उज्जैन, मध्यप्रदेश, India
कुछ खास नहीं !