तुमने ठीक कहा अली, पर
में' कार्यक्रम के बारे में आगे फिर कभी ' के हिसाब से चला था। अपने और शमशेर के संग के बारे में लिखना ,या शमशेर जी के बारे में लिखना , एक मूड की बात है। देखते
हैं। वो कब बनता है। फ़िलहाल शमशेर जी से सीखीं दो बातें, प्रस्तुत हैं सूत्र
में;एक,अपने बारे में कहने में सदा संकोच करना। दो, बढ़प्पन सरलता लाता है। वे ऐसे बड़े कवि हैं , जो सरल और संकोची हैं।
वे सच में सरल थे
जवाब देंहटाएंमेरा मतलब बड़े थे